मोती बाज़ार हरिद्वार की मुख्य बाज़ार सड़क है, जो धार्मिक सामान, आभूषणों, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और स्थानीय मिठाइयों के लिए जानी जाती है। हर की पौड़ी के पास बड़ा बाज़ार में हस्तशिल्प और स्मृति-चिह्न मिलते हैं, जबकि ज्वालापुर भी शहर का एक बाज़ारी इलाका है।
- मोती बाज़ार: रेलवे पटरियों के समानांतर फैला है और मनकों, धातु के बर्तनों, जड़ी-बूटियों, चूड़ियों और मिठाइयों के लिए जाना जाता है।
- बड़ा बाज़ार: हर की पौड़ी के पास स्थित है; यहाँ धार्मिक सामान, मिठाइयाँ, हस्तशिल्प और स्मृति-चिह्न मिलते हैं।
- मोती बाज़ार के खुलने का समय: दुकानों के बताए गए समय अलग-अलग हैं; आम तौर पर ज़्यादातर दुकानें लगभग 10:00 पूर्वाह्न–9:30 अपराह्न तक खुली रहती हैं।

मोती बाज़ार में क्या देखने को मिलेगा
मोती बाज़ार हरिद्वार की मुख्य बाज़ार सड़क है और रेलवे पटरियों के समानांतर फैला है। यहाँ की दुकानें रुद्राक्ष के मनकों, तांबे और पीतल के बर्तनों, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, चूड़ियों और स्थानीय मिठाइयों के लिए जानी जाती हैं।
आभूषण भी यहाँ की दुकानों में मिलते हैं, जिनमें चूड़ियाँ, हार और बालियाँ शामिल हैं। अगर आप कोई खास चीज़ ढूँढ़ रहे हैं, तो पूरी सड़क पर चलते हुए अलग-अलग तरह के सामान की तुलना कर सकते हैं—यह बाज़ार किसी एक ही तरह की खरीदारी तक सीमित नहीं है।
बड़ा बाज़ार में क्या-क्या मिलता है?

बड़ा बाज़ार हरिद्वार के सबसे पुराने और व्यस्त बाज़ारों में से एक है और हर की पौड़ी के पास स्थित है। यहाँ की दुकानों में धार्मिक सामान, मिठाइयाँ, हस्तशिल्प और स्मृति-चिह्न मिलते हैं। हर की पौड़ी इस गंगा आरती के समय और दर्शन की मार्गदर्शिका का भी केंद्र है।
यहाँ तरह-तरह का सामान मिलता है, इसलिए भक्ति से जुड़ी चीज़ों और स्थानीय उपहारों—दोनों के लिए यह जगह घूमने लायक है। हर की पौड़ी बाज़ार इलाके की पहचान बताने वाला प्रमुख स्थल है; यहाँ की गलियों का माहौल रेलवे पटरियों के साथ बसे मोती बाज़ार से अलग है।
हरिद्वार के मंदिर-दर्शन में मनसा देवी और चंडी देवी भी शामिल हैं। इन दोनों मंदिरों के बारे में जानने के लिए यह मार्गदर्शिका देखें।
ज्वालापुर का बाज़ार कैसा है और वहाँ कैसे पहुँचें?

ज्वालापुर हरिद्वार का एक बाज़ारी इलाका है। ज्वालापुर रेलवे स्टेशन, तीन सितारा होटल पार्क ग्रैंड से पैदल लगभग 46 मिनट या कार से 15 मिनट की दूरी पर है।
इलाके की यात्रा की योजना बनाते समय स्टेशन से आने-जाने का यह समय आपको दिशा समझने में मदद कर सकता है, लेकिन इससे किसी खास दुकान की दूरी का पता नहीं चलता। अगर आप बाज़ार घूमने के साथ दूसरी जगहों पर भी जाने वाले हैं, तो उन सड़कों या दुकानों के हिसाब से अपना रास्ता तय करें जहाँ आप जाना चाहते हैं।

खरीदारी का समय, पहुँच और शिष्टाचार
मोती बाज़ार की दुकानों के खुलने का समय अलग-अलग हो सकता है और कुछ दुकानें दोपहर में कुछ समय के लिए बंद रहती हैं। एक स्रोत के अनुसार दुकानें 9:00 पूर्वाह्न–9:00 अपराह्न तक खुलती हैं और शाम को जाना बेहतर है; दूसरे स्रोत में बताया गया है कि आम तौर पर ज़्यादातर दुकानें रोज़ाना लगभग 10:00 पूर्वाह्न–9:30 अपराह्न तक खुली रहती हैं। अलग-अलग दुकानों के समय में अंतर हो सकता है।
किसी खास दुकान या उसके मौजूदा खुलने के समय की जानकारी के लिए जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें। मोती बाज़ार के प्रकाशित समय का स्रोत Visit Haridwar है।
बाज़ार की सड़कें खरीदारी की जगह होने के साथ-साथ रोज़मर्रा के कारोबार का हिस्सा भी हैं। वहाँ से गुज़रने वाले लोगों और दुकानों के सामने की जगह का ध्यान रखते हुए घूमिए। किसी खास दुकान तक जाने के लिए अलग से निकलने से पहले उसका खुलने का समय ज़रूर पता कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मोती बाज़ार किस लिए मशहूर है?
मोती बाज़ार रुद्राक्ष के मनकों, तांबे और पीतल के बर्तनों, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, चूड़ियों, आभूषणों और स्थानीय मिठाइयों के लिए मशहूर है।
हरिद्वार में बड़ा बाज़ार कहाँ है?
बड़ा बाज़ार हर की पौड़ी के पास है। यह धार्मिक सामान, मिठाइयों, हस्तशिल्प और स्मृति-चिह्नों के लिए जाना जाता है।
मोती बाज़ार की दुकानें कब खुलती हैं?
बताए गए समय अलग-अलग हैं: एक स्रोत के अनुसार दुकानें 9:00 पूर्वाह्न–9:00 अपराह्न तक खुलती हैं, जबकि दूसरे में कहा गया है कि आम तौर पर ज़्यादातर दुकानें लगभग 10:00 पूर्वाह्न–9:30 अपराह्न तक खुली रहती हैं। अलग-अलग दुकानों का समय अलग हो सकता है और कुछ दुकानें दोपहर में कुछ समय के लिए बंद रहती हैं।
क्या ज्वालापुर एक बाज़ारी इलाका है?
हाँ। ज्वालापुर हरिद्वार का एक बाज़ारी इलाका है। यहाँ का रेलवे स्टेशन यात्रा की योजना बनाते समय दिशा समझने में मदद कर सकता है।
